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हाई बीपी के मरीजों को कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ के बाद अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करना? जानें योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से
अगर आप योग पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ हैं, तो अकà¥à¤¸à¤° आपने योग गà¥à¤°à¥ को कहते सà¥à¤¨à¤¾ होगा कि हाई बीपी के मरीज को कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ के बाद अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करना चाहिà¤à¥¤ इसके पीछे की वजह आज हम आपको बता रहे हैं। इनोसेंस योगा की योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार का कहना है कि वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में बीपी à¤à¤• बढ़ती समसà¥à¤¯à¤¾ है। बीपी का बढ़ना और घटना दोनों ही नà¥à¤•सानदायक होते हैं। बीपी की इस परेशानी से बाहर निकलने का रासà¥à¤¤à¤¾ योग से मिल सकता है। हाई बीपी के मरीज को कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ के बाद अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करना चाहिà¤, जैसे कई सवालों के जवाब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ओनà¥à¤²à¥€ माई हेलà¥à¤¥ को दिà¤à¥¤
योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार का कहना है कि हम योग करते समय à¤à¤¸à¥€ बहà¥à¤¤ सी गलतिया करते हैं, जिनकी वजह से हमें योग का पूरा लाठनहीं मिलता। आज के इस लेख में योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार से जानें कि हाई बीपी के मरीज को कपालाà¤à¤¾à¤¤à¤¿ के बाद अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करना चाहिठऔर कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ और अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है। तो आइठविसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ हाई बीपी के मरीज कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ कर सकते हैं?
योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार का कहना है कि हाई बीपी के मरीज कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ कर सकते हैं। लेकिन उसे सही तरीके से करना जरूरी है। योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ का कहना है कि कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं है, बलà¥à¤•ि à¤à¤• कà¥à¤²à¤¿à¤‚जिंग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ है। इसे पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले किया जाता है। इसे इसलिठकिया जाता है ताकि हमारी नाक, गले में किसी तरह का कचरा, मà¥à¤¯à¥à¤•स या कफ जमा हà¥à¤† है तो वह बाहर निकल जाà¤à¥¤ साथ ही साथ यह हमारी कपाल (माथे) को चमकाता है। कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ नहीं पड़तीं। कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ को कोई à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले उसकी शà¥à¤°à¥‚आत में किया जाता है। योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार ने कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करने की दो विधियां बताई हैं। साथ ही यह à¤à¥€ बताया है कि कौन सी विधि किन लोगों को करनी चाहिà¤à¥¤
कपाà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करने की विधि à¤à¤•
अपने दोनों पैरों को फोलà¥à¤¡ करके, सà¥à¤–ासन की अवसà¥à¤¥à¤¾ में बैठजाà¤à¤‚
दोनों हाथों को जà¥à¤žà¤¾à¤¨ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में रखकर 2-3 सामानà¥à¤¯ सांसें लें और आंखें बंद रखें।
à¤à¤Ÿà¤•े से सांस को बाहर छोड़ें है और पेट की मांसपेशियों को अंदर की ओर खींचें। जिन लोगों को हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ है। वह इसे à¤à¤¸à¥‡ न करते हà¥à¤ सांस को à¤à¤•-à¤à¤• नथà¥à¤¨à¥‡ से बाहर निकालें।
हाई बीपी के मरीजों के लिठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶
योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार का कहना है कि कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ की विधि à¤à¤• करते समय हाई बीपी के मरीजों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठकि कपाà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करते समय अपने सीधे हाथ से सीधी साइड वाली नाक को बंद कर दें और 2-3 लंबी गहरी सांसें लेफà¥à¤Ÿ साइड से लें। जिससे यदि आपका बीपी नीचे या ऊपर है तो उसको मैनेज करने में मदद मिलेगी। अब लंबी गहरी सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ छटके से सांस बाहर छोड़नी है। जिन लोगों को हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ है, वह इसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक न करें। 10-15 बार काफी है।
कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करने की विधि 2
जिन लोगों को हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ है, वे पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले निमà¥à¤¨ बà¥à¤°à¤¿à¤¦à¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ जरूर करें।
अपने दोनों पैरों को सामानà¥à¤¯à¤¤: फोलà¥à¤¡ करके बैठजाà¤à¤‚, दोनों हाथ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर ही रहेंगे।
कमर, गरà¥à¤¦à¤¨ को बिलà¥à¤•à¥à¤² सीधा करके आंखें बंद कर लें।
15-20 बार नाक से सांस लेते हà¥à¤ मà¥à¤‚ह से बाहर फेंकें।
इससे आपका पैरा सिंथेटिक नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाà¤à¤—ा। जो शरीर में कूलिंग का काम करेगा।
अपने राइट अंगूठे से राइट नथà¥à¤¨à¥‡ को बंद कर दें। लंबा गहरा सांस उलà¥à¤Ÿà¥€ साइड से अंदर à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ व उसी सांस साइड से छोड़ दें।
उसके बाद अपने लेफà¥à¤Ÿ नथà¥à¤¨à¥‡ को बंद करें और राइट से सांस à¤à¤°à¥‡à¤‚ और राइट से ही छोड़ दें।
à¤à¤¸à¤¾ आपको लगातार 20-25 बार करना है।
यह à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपका बीपी मैनेज करने में बहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी है। इन सà¤à¥€ कà¥à¤²à¤¿à¤‚जिंग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ के बाद आप पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं।
हाई बीपी के मरीज à¤à¤¸à¥‡ करें अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम
अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम को ही नाड़ी शोधन पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ कहते हैं। इसे करने की सही विधि निमà¥à¤¨ है।
दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़कर सà¥à¤–ासन में बैठें।
अपने उलà¥à¤Ÿà¥‡ हाथ को जà¥à¤žà¤¾à¤¨ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में रखें।
आंखें बंद करते हà¥à¤ 15-20 सामानà¥à¤¯ सांसें लें व छोड़ें। अपना सारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अपनी सांसों पर लगाते हà¥à¤ अपने दिमाग और शरीर को पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के लिठतैयार करते जाà¤à¤‚।
राइट हाथ को उठाते हà¥à¤ राइट नथà¥à¤¨à¥‡ को बंद कर लें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे आपका सारा वजन दोनों हिप पर बराबर रहे। किसी à¤à¥€ à¤à¤• साइड जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤•ाव न दें।
अपना लेफà¥à¤Ÿ नथà¥à¤¨à¥‡ से सांस अंदर à¤à¤°à¤•र बाहर छोड़ दें और पूरी सांस बाहर निकाल दें। अब अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम शà¥à¤°à¥‚ करें।
अब à¤à¤• बार फिर लेफà¥à¤Ÿ नोज से सांस अंदर à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ राइट से बाहर छोड़ दें। इस समय आपका लेफà¥à¤Ÿ नथà¥à¤¨à¤¾ बंद रहेगा। अब राइट से सांस छोड़ते हà¥à¤ लेफà¥à¤Ÿ पर छोड़ दें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करते हà¥à¤ आपकी सांस की आवाज बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न आà¤à¥¤ इसे सावधानी व सजगता से करें।
अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम को 10-15 बार दोहराà¤à¤‚ और फिर विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें।
हाई बीपी के मरीजों को कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ के बाद अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करना चाहिà¤?
इस सवाल के जवाब में योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार का कहना है कि कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करने से हमारे शरीर में रकà¥à¤¤ संचार बढ़ जाता है। साथ ही साथ हमारी हृदय के आसपास की मांसपेशियां व पेट की मांसपेशियां à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाती हैं। वहीं, यदि बात करें हाई बीपी की तो उसमें à¤à¥€ हमारे शरीर नसें सिकà¥à¤¡à¤¼ जाती हैं, जिस वजह से रकà¥à¤¤ का संचार शरीर में ठीक से हो नहीं पाता। जिस वजह से बीपी हाई हो जाता है। इसी वजह से बीपी के पेशेंट को लंबी-लंबी सांसें लेनी पड़ती हैं, ताकि उसे सांस सही से आà¤à¥¤ इसी कारण बोला जाता है कि बीपी के मरीजों को कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ के तà¥à¤°à¤‚त बाद अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम करना चाहिà¤à¥¤ अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम से बीपी सामानà¥à¤¯ हो जाता है।
हाई बीपी के मरीज को कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ के बाद अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करना जरूरी है। à¤à¤¸à¤¾ करने से उसका बीपी सामानà¥à¤¯ हो जाता है। अनलोम विलोम बीपी को सामानà¥à¤¯ बनाठरखने में मदद करता है। साथ ही बीपी के मरीज को कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ और अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करने का सही तरीका à¤à¥€ मालूम होना चाहिà¤à¥¤ अगर सही तरीका मालूम नहीं होगा तो उसे पूरा लाठà¤à¥€ नहीं मिलेगा।
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